Visit blogadda.com to discover Indian blogs

कुछ तो मैं कह बैठा हूँ, अभी बहुत कुछ बाकी है,

कागज-कलम हैं मीत मेरे, शब्द ही दिल के साकी हैं !

Follow anilkr112 on Twitter Page copy protected against web site content infringement by Copyscape
Text selection Lock by Hindi Blog Tips Blogvani Hindi Blogs. Com - हिन्दी चिट्ठों की जीवनधारा चिट्ठाजगत

www.earnparttimejobs.com

anubhutiyan.blogspot.com

multiplexblog.blogspot.com

chunindikahaniyan.blogspot.com

Google
AuctionAds: Increase the bid on your site's income!

Read in your own script

Roman(Eng) Gujarati Bangla Oriya Gurmukhi Telugu Tamil Kannada Malayalam Hindi
Via chitthajagat.in

anilchadah.blogspot.com

"मेरी अभिव्यक्तियों में सूक्ष्म बिंदु से अन्तरिक्ष की अनन्त गहराईयों तक का सार छुपा है इनमें एक बेबस का अनकहा, अनचाहा प्यार छुपा है " -डा0 अनिल चडडा All the content of this blog is Copyright of Dr.Anil Chadah and any copying, reproduction,publishing etc. without the specific permission of Dr.Anil Chadah would be deemed to be violation of Copyright Act.

Wednesday, December 12, 2007

आधे-अधूरे रिश्ते!

आधे-अधूरे रिश्ते
जिये नहीं जाते
जल्दी ही
हैं मर जाते
इसलिये
ऐसे रिश्तों को
जीने से
क्या फायदा
कोई भी रिश्ता
तभी है निभता
जब उसे
निभाने को
कोई हो मरता
किसी को भी
केवल
अच्छाईयों के साथ
तो स्वीकार नहीं
किया जा सकता
उसकी
कमियों को भी
तो साथ में
लेना है पड़ता
क्योंकि
इक-दूसरे की
कमियों को
इक-दूसरे की
बुराईयों को
एक साथ
निभा पाना ही
तो
रिश्ते की
परिभाषा है
साथ रहने की
अभिलाषा है
और
इक-दूसरे को
समझने की
मूक भाषा है!

2 Comments:

Blogger mamta said...

क्योंकि
इक-दूसरे की
कमियों को
इक-दूसरे की
बुराईयों को
एक साथ
निभा पाना ही
तो
रिश्ते की
परिभाषा है

बहुत सुन्दर !!

3:58 PM  
Blogger mehek said...

oh yes very very true said,except other with their good and bad things,no one is perfect.
http://mehhekk.wordpress.com/

3:39 PM  

Post a Comment

Links to this post:

Create a Link

<< Home

free hit counter codes